भविष्‍य की योजनाएँ

1.पाठ्यक्रम आधारित छात्रोपयोगी हिन्दी पुस्तकों के प्रकाशन की योजना है।

2.कालजयी पुस्तकों के हिन्दी अनुवाद के प्रकाशन की योजना है।

3.मीडिया में अध्ययन-अध्यापन के व्यापक-प्रसार को देखते हुए पत्रकारिता एवं मीडिया से संबंधित पुस्तकों के प्रकाशन की भी योजना है।

4.समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, विज्ञान, संस्कृति  आदि विषयों  की उत्कृष्ट पुस्तकों के अनुवाद को प्राथमिकता दी जायेगी।

5.1991 के आर्थिक उदारीकरण तथा उच्च प्रौद्योगिकी के बाद ज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक परिदृश्य में जिन नये विषयों ने ध्यान आकर्षित किया है उन विषयों में भी किताबों के प्रकाशन की योजना है जैसे- पर्यावरण, दिव्‍यांग, योग आदि।

6. नवीन विषयों पर नवीन पुस्तकों की जानकारी के लिए निदेशालय में 'पुस्तक चर्चा'  नाम से संगोष्ठी का आयोजन करने की योजना है। इसके अतिरिक्‍त राष्‍ट्रीय तथा अन्‍तर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति के विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर व्‍याख्‍यान माला आयोजित करने की भी योजना है।