गठन एवं उद्देश्‍य

गठन:

1963-78 तक की अवधि में यह निदेशालय भारत सरकार की एक योजना के रूप में कार्य करता रहा परंतु 1978 में शिक्षा मंत्रालय के सुझाव पर विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग ने यह फैसला किया कि दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय इस निदेशालय को अपने अंतर्गत ले लेंं। तत्‍कालीन कुलपति प्रो. आर.सी. मेहरोत्रा की पहलकदमी पर 1 अप्रैल 1978 से यह निदेशालय दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के एक विभाग के रूप में कार्य करने लगा। 23 मई 1978 की कार्यकारी परिषद् ने इसकी पुष्टि की । अब इसके नाम में एक बार फिर परिवर्तन किया गया । अब इसका नाम बदलकर 'हिंदी माध्‍यम कार्यान्‍वय निदेशालय' रखा गया ।

उद्देश्‍य :

कार्यकारी परिषद् के निर्णय संख्‍या 323 दिनांक 11 अगस्‍त 1978 के अनुसार निदेशालय के तय किए गए कार्य इस प्रकार हैं :

  1. हिंदी माध्‍यम से शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्ययार्थियों के उपयोग के लिए मानक पाठ्य-पुस्‍तकों की योजना बनाना, मानक सामग्री एकत्रित करके उसका संपादन तथा प्रकाशन करना । यह कार्य विभिन्‍न पाठ्यक्रम-समितियों के परामर्श से किया जाए।
  2. पाठ्यक्रम समितियां समय-समय पर जिन मानक पुस्‍तकों को और शोध-पत्रिकाओं के अंशों को प्रकाशित करने की सिफारिश करें, उनका हिंदी में अनुवाद करना और उनके मुद्रण तथा वितरण की व्‍यवस्‍था करना।
  3. हिंदी माध्‍यम के विद्यार्थियों को विषय की अद्यतन जानकारी देने के लिए विभिन्‍न विषयों पर सामग्री एकत्र करके माॅॅनोग्राफ के रूप में उसका संपादन एवं प्रकाशन करना। यह कार्य विषय के विभागाध्‍यक्ष के परामर्श से किया जाए।
  4. हिंदी माध्‍यम के विद्यार्थियों के उपयोग के लिए विभिन्‍न विषयों से संबंधित संदर्भ-ग्रंथों का संपादन एवं प्रकाशन। यह कार्य संबंद्ध विभागाध्‍यक्षों के परामर्श से किया जाए।
  5. प्रकाशन-समिति एवं अनुसंधान अध्‍ययन बोर्डों की सिफारिश पर स्‍तरीय ग्रंथों के प्रकाशन के बारे में कार्रवाई करना।
  6. हिंदी माध्‍यम के विद्ययार्थियों तथा हिंदी माध्‍यम से अध्‍यापन करने वाले अध्‍यापकों की जरूरतों का ध्‍यान रखते हुए उपलब्‍ध साहित्‍य का सर्वेक्षण करना ताकि सभी विषयों में हर स्‍तर पर हिंदी माध्‍यम के अध्‍यापकों को उनके लाभ के लिए पूरी जानकारी प्रदान की जा सके।
  7. दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय द्वारा समय-समय पर इसी प्रकार का जो भी अन्‍य कार्य निदेशालय को सौंपा जाए उसे संपन्‍न करना।
  8. हिंदी माध्‍यम से शिक्षा देने के स्‍तर में सुधार लाने के उद्देश्‍य से कार्यशालाओं, आदर्श व्‍याख्‍यान-मालाओं आदि का आयोजन करना।
  9. हिंदी माध्‍यम के संदर्भ में विश्‍वविद्यालय विभागों और कॉलेजों के बीच समन्‍वयन-एकक के रूप में कार्य करना।
    इन्‍हीं अनुदेशों के अनुरूप हिंदी माध्‍यम कार्यान्‍वय निदेशालय अपना कार्य करता चला आ रहा है। हिंदी माध्‍यम कार्यान्‍वय निदेशालय का उद्देश्‍य उन विद्यार्थियों के लिए स्‍तरीय पाठ्य-सामग्री उपलब्‍ध कराना है।